राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भर्ती परीक्षाओं के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। ये बदलाव पटवारी भर्ती परीक्षा से शुरू होकर भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं पर लागू होंगे। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने इन नए नियमों की जानकारी दी है। Patwari Exam News 2025: परीक्षा में अब इनरवियर तक की होगी जांच, जाने क्या हे नया ड्रेस कोड
ड्रेस कोड में बदलाव और सख्त जांच
बोर्ड ने अब अभ्यर्थियों को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कुछ पहनावे और आभूषण पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी है। पुरुष अभ्यर्थी ‘कड़ा’, ‘कृपाण’ और ‘पगड़ी’ पहन सकते हैं, जबकि महिलाएं ‘मंगलसूत्र’ पहन सकती हैं। हालांकि, इस छूट के साथ ही सुरक्षा को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं।
आलोक राज ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को तीन-स्तरीय जांच से गुजरना होगा। अगर कोई अभ्यर्थी संदिग्ध लगता है, तो उसकी ‘इनर वियर’ (innerwear) तक की जांच की जाएगी। इसके अलावा, कपड़ों में लगे जिप और बटनों की भी जाँच की जाएगी ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाया न जा सके।
गर्मी और सर्दी के लिए अलग ड्रेस कोड
अब परीक्षाओं के लिए गर्मी और सर्दी का अलग-अलग ड्रेस कोड होगा।
गर्मी के लिए (1 मार्च से 31 अक्टूबर): पुरुष अभ्यर्थी आधी या पूरी आस्तीन की शर्ट/टी-शर्ट पहन सकेंगे। महिलाएं सलवार सूट, चुन्नी, साड़ी, आधी या पूरी आस्तीन का कुर्ता/ब्लाउज पहन सकती हैं। ड्रेस में बड़ा बटन, मेटल का बटन, जड़ऊ पिन, बैज या फूल जैसी कोई भी चीज नहीं होनी चाहिए।
सर्दी के लिए (1 नवंबर से 28/29 फरवरी): सर्दी में भी यही ड्रेस कोड लागू रहेगा, लेकिन अभ्यर्थी स्वेटर, जैकेट, या कोट पहनकर आ सकते हैं। हालांकि, उन्हें ये सब परीक्षा केंद्र के बाहर ही उतारकर अंदर प्रवेश करना होगा। सिर पर लगा स्कार्फ भी हटाना होगा। टाई, मफलर, जरकिन और शॉल पहनकर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। महिलाएं अपने बालों में रबर बैंड या साधारण हेयर पिन लगा सकती हैं।
पेपर की गोपनीयता और कोचिंग सेंटरों पर लगाम
आलोक राज ने कोचिंग सेंटरों की सांठगांठ को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पटवारी भर्ती परीक्षा की पहली पारी के बाद पेपर अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगा। पेपर तभी उपलब्ध कराया जाएगा, जब परीक्षा पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पहली पारी के अभ्यर्थी बाहर आकर अपने साथियों को पेपर न दिखा सकें, जिससे दूसरी पारियों के अभ्यर्थियों को कोई लाभ न मिले।
अध्यक्ष ने बताया कि पिछले कुछ पेपरों में कोचिंग सेंटरों द्वारा इसी तरह की गतिविधियों का पता चला था। भविष्य में पेपर के दौरान ऑनलाइन सॉल्यूशन और गाइडलाइन पर भी रोक लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि अलग-अलग पारियों में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न हो पाए।
धांधली रोकने के लिए विशेष कदम
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी ड्रेस कोड से संबंधित विवाद या संदेह के मामले में चयन बोर्ड से जुड़ा फैसला मान्य होगा। परीक्षा के दौरान पुलिस या कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से विशेष एजेंसियों से भी जांच करवाई जा सकती है, जिससे किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके। इन सभी बदलावों से परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ने और योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक मिलने की उम्मीद है।
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