कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में बड़ा मामला सामने आया है। महावीर नगर थाना क्षेत्र स्थित जयराम हॉस्टल (रचित रेजिडेंसी) को बैंक ने सीज कर दिया। दरअसल, इस हॉस्टल पर 71 लाख रुपए का होम लोन बकाया चल रहा था, जिसे लंबे समय से चुकाया नहीं गया। अदालत के आदेश पर रविवार को पुलिस और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। KOTA: 71 लाख रुपए का होम लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने हॉस्टल किया सीज, मकान मालिक और स्टूडेंट्स को बाहर निकाला
मकान मालिक और स्टूडेंट्स को बाहर निकाला गया
जानकारी के अनुसार, चार मंजिला जयराम हॉस्टल में रह रहे मकान मालिक, किराएदार और कोचिंग स्टूडेंट्स को भी बाहर निकाल दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई के चलते हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं को अपना सामान लेकर बाहर आना पड़ा। कई स्टूडेंट्स और उनके परिजन सड़क पर बैठ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और बैंक अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई
महावीर नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल ने बताया कि एचडीबी फाइनेंस लिमिटेड का 71 लाख रुपए का बकाया लोन न चुकाने पर अदालत से आदेश प्राप्त हुआ था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिले निर्देशों पर अमल करते हुए कोटा पुलिस, महावीर नगर थाना पुलिस, शहर पुलिस लाइन और एचडीबी फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हॉस्टल को सीज कर दिया।

छात्रों के सामने आई मुश्किलें
कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन स्टूडेंट्स को हुई जो हॉस्टल में रहकर कोचिंग कर रहे थे। अचानक हॉस्टल खाली कराए जाने के कारण कई छात्रों को अस्थायी रूप से दूसरे ठिकाने तलाशने पड़े। परिजनों ने भी बैंक और प्रशासन से छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की
निष्कर्ष:
कोटा जैसे कोचिंग हब में इस तरह की घटनाएं छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। एक ओर जहां मालिक की लापरवाही के कारण वित्तीय विवाद खड़े होते हैं, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई कर रहे बच्चों का भविष्य भी प्रभावित होता है।
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