बारां: राजस्थान के बारां जिले में 2022 में खुले दो कृषि कॉलेज, बारां और शाहबाद, आज भी बदहाली का शिकार हैं। तीन साल बीत जाने के बाद भी इन कॉलेजों के पास न तो खुद का भवन है और न ही नियमित शिक्षक।बारां शाहबाद के कृषि कॉलेज 3 साल बाद भी बदहाल, न भवन न नियमित शिक्षक
बारां कृषि कॉलेज जहां बॉयज कॉलेज के कन्या छात्रावास में चल रहा है, वहीं शाहबाद का कृषि कॉलेज केलवाड़ा के राजकीय कॉलेज के भवन में संचालित हो रहा है। इन दोनों कॉलेजों में स्वीकृत 29 शिक्षकों में से एक भी नियमित व्याख्याता नहीं है।
वर्तमान में दोनों कॉलेज केवल कार्यवाहक प्रिंसिपल के भरोसे चल रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सत्र की शुरुआत में बारां कृषि कॉलेज में दो लेक्चरर थे, लेकिन उसके बाद कोई नियमित शिक्षक नहीं मिला। दोनों कॉलेजों में केवल दो-दो संविदा व्याख्याता हैं, जिससे नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं और छात्रों को खुद ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।
सरकार ने दोनों कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन अभी तक भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इस स्थिति से छात्रों का भविष्य खतरे में है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने में बाधा आ रही है।
सरकार को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और इन कॉलेजों के लिए स्थायी भवन और नियमित शिक्षकों की व्यवस्था करने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
Discover more from HadotiNews24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
