भारतीय बाजार में निवेश के रुझान तेजी से बदल रहे हैं। सोने की लगातार बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अब चांदी एक नया ‘सोना’ बनकर उभर रही है। 2023 में, भारत ने 3625 मीट्रिक टन चांदी का आयात किया, लेकिन पिछले साल यह आंकड़ा बढ़कर 7669 मीट्रिक टन हो गया, जो एक साल में दोगुने से भी ज्यादा की वृद्धि है। यह दिखाता है कि आम लोगों के लिए चांदी में निवेश अब आसान और सस्ता हो गया है।
चांदी की बढ़ती मांग के कई कारण हैं:
निवेश: सोने के मुकाबले चांदी की कीमतें सस्ती होने के कारण छोटे निवेशक भी इसमें आसानी से निवेश कर पा रहे हैं।
औद्योगिक उपयोग: विभिन्न उत्पादों में चांदी का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे इसकी मांग में और भी उछाल आ रहा है।
वैश्विक परिस्थितियां: यूक्रेन-रूस युद्ध जैसी आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से भी सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
यह अनुमान है कि इस साल भी चांदी का आयात पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का महत्व और भी बढ़ेगा, जिससे यह निवेश का एक आकर्षक विकल्प बनी रहेगी।
Discover more from HadotiNews24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
