कोटा मे दूसरे दिन भी रेसिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर: 10-12 ऑपरेशन टले, जाँच मे भी असर
उदयपुर के डॉक्टर की मौत के मामले को लेकर कोटा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहें। रेजिडेंट के हड़ताल का IPD व से मे असर देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी हॉस्पिटल सामान्य दिनों से 10 से 12 ऑपरेशन टालने पड़े। वही जाँच पर भी असर पड़ा। ज्यादातर भर्ती मरीजों व इमरजेंसी के केसो मे सोनोग्राफी की जा रही है।
एनेस्थिसिया HOD डॉक्टर मोकेश सोमवंशी ने बताया सामान्य दिनों में मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी हॉस्पिटल्स मे 40-45 सर्जरी होती है। रेसिडेंट डॉक्टर की हड़ताल के चलते ये आँखड़ा 28 से 32 तक रह गया है। बुधवार को 28 प्लांड ऑपरेशन हुए। हालांकि इमरजेंसी ऑपरेशन पर असर नही हुआ हे।
दरअसल कोटा मेडिकल से जुड़े सभी MBS, जैकेलोन, एसएसबि, न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, रामपुरा हॉस्पिटल के 600 के करीब रेजिडेंट डॉक्टर सम्पूर्ण कार्य बहिस्कार पर है। इसके चलते OPD व IPD मे सीनियर रेजिडेंट रेजिडेंट व सीनियर डॉक्टर्स को कमान संभालनी पढ़ रही है।
बारां के साहबाद से न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल मे इलाज के लिए 75 वर्षीय आंनदी लाल ने बताया की उनके छाती में दर्द हे। बीपी की भी शिकायत है। डॉक्टर ने सोनोग्राफी लिखी है। सुबह 9 बजे से सेंटर के बाहर बेटा हु अभी तक नम्बर नही आया
कोटा रेजिडेंट डॉक्टर एसोसियन के अध्यक्ष डॉक्टर हेमंत शर्मा ने बताया की हड़ताल से रोज 8 से 10 हजार मरीज प्रभावित हो रहे हे। हम हड़ताल करना नही चाहते। हमारी मांग हे की सरकार और प्रसासन की ओर से वार्ता का दौर आगे बढ़ाया जाए। ताकी पीड़ित परिवार को न्याए मिल सके।
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