ChatGPT और DeepSeek को पीछे छोड़ेगा भारत का अपना AI “भारत-जेन” BharatGPT
क्या है ‘भारत-जेन’?
‘भारत-जेन’ भारत का पहला मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Multimodal Large Language Model – LLM) है। यह केवल टेक्स्ट को ही नहीं बल्कि स्पीच और इमेज को भी समझने की क्षमता रखता है। यानी यह एक ऐसा उन्नत एआई सिस्टम है जो इंसानों की तरह कई माध्यमों में संवाद स्थापित कर सकता है।
भारत-जेन क्या है?
लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) क्या होता है?
और ऐसे AI मॉडल असल में काम कैसे करते हैं?
भारत-जेन: भारतीय भाषाओं की आत्मा के साथ
भारत एक बहुभाषी देश है जहाँ 22 आधिकारिक भाषाएं और सैकड़ों क्षेत्रीय बोलियाँ बोली जाती हैं। ऐसे में कोई भी टेक्नोलॉजी तभी सफल मानी जाती है जब वह भाषायी विविधता को अपनाए और स्थानीय उपयोगकर्ताओं को सहज अनुभव दे। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए ‘भारत-जेन’ को डिजाइन किया गया है।
यह मॉडल हिंदी, तमिल, मराठी, बंगाली, कन्नड़, पंजाबी, उर्दू जैसी कई भारतीय भाषाओं में संवाद कर सकता है। इसका मतलब है कि चाहे कोई किसान हो, विद्यार्थी हो या वैज्ञानिक – वह अपनी मातृभाषा में इस AI की मदद ले सकता है।

ओपन सोर्स और लोकतांत्रिक पहुंच
भारत-जेन को एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, ताकि:
शोधकर्ता (Researchers),
स्टार्टअप्स (Startups),
और विभिन्न उद्योग (Industries)
इसे आसानी से उपयोग और अनुकूलित कर सकें। यह एक जन-सुलभ एआई परियोजना है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को एआई की शक्ति देना है।
भारत की कंप्यूटिंग शक्ति का विस्तार
इस अत्याधुनिक एआई मॉडल को तैयार करने के लिए ज़रूरत होती है विशाल मात्रा में डेटा प्रोसेसिंग की। यही काम करते हैं GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स।
GPU को खासतौर पर पैरेलल प्रोसेसिंग (Parallel Processing) के लिए डिजाइन किया जाता है। इसका मतलब है कि यह एक साथ हजारों टास्क को प्रोसेस कर सकता है, जो किसी भी बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण (Training) के लिए अनिवार्य होता है।
भारत ने हाल ही में अपनी राष्ट्रीय कंप्यूटिंग शक्ति को 34,000 से अधिक GPUs तक पहुँचा दिया है, जो यह दर्शाता है कि अब भारत AI के वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है।
डाटा प्रोसेसिंग में GPU की भूमिका
जब लार्ज लैंग्वेज मॉडल को ट्रेन किया जाता है, तो उसमें विशाल मात्रा में डेटा प्रोसेस होता है। इस प्रक्रिया में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स मुख्य भूमिका निभाते हैं। वे बड़े-बड़े डेटा सेट्स को तेज़ी से पढ़कर और प्रोसेस करके मॉडल को प्रशिक्षित करने में मदद करते हैं।
यह डेटा सेट्स किसी किताब, वेबसाइट, ऑडियो, इमेज या अन्य माध्यमों से हो सकते हैं। GPU के जरिए ये सब डेटा पैरेलल में प्रोसेस होते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया बेहद तेज़ और प्रभावी बन जाती है।
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