बारां। नाहरगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब सिंचाई की सुविधा से जुड़ी एक महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया गया है। इस योजना से करीब 46 गांवों की 9800 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके तहत दो नदियों पर बांध बनाए जाएंगे, जिससे किसानों की फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
बारां जिला कलेक्ट्रीट सभागार में नाहरगढ़ क्षेत्र की सिंचाई परियोजना की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर ने की, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
यह रिपोर्ट मैसर्स नेबकॉन जयपुर डिजाइन कंसल्टेंट द्वारा तैयार की गई है। रिपोर्ट को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2024-25 के तहत प्रस्तुत किया गया है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के लागू होने के बाद नाहरगढ़ क्षेत्र की हजारों बीघा जमीन सिंचाई योग्य हो जाएगी। अब तक वर्षा आधारित खेती पर निर्भर रहने वाले किसान इस योजना से रबी और खरीफ दोनों सीजन की फसलों में पानी की कमी से जूझने से बच जाएंगे।
दो नदियों पर बनेंगे बांध
इस योजना के तहत दो नदियों पर बांधों का निर्माण किया जाएगा। इससे भूमिगत जलस्तर में सुधार होगा और साथ ही क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ीं
गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी, पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
निष्कर्ष:
नाहरगढ़ क्षेत्र की यह सिंचाई परियोजना बारां जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। यदि योजना समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन और जल संरक्षण के मामले में एक नया उदाहरण पेश करेगा। नाहरगढ़ सिंचाई योजना: 46 गांवों की 9800
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