राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में भर्ती परीक्षाएं टैबलेट्स पर कराई जाएंगी।
लाखों कंप्यूटर की ज़रूरत, अभी उपलब्ध सिर्फ़ 20 हज़ार
कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि ऑनलाइन एग्जाम कराने के लिए लाखों कंप्यूटर की आवश्यकता होगी, जबकि वर्तमान में सिर्फ़ 20 हज़ार कंप्यूटर उपलब्ध हैं। ये भी ज़्यादातर प्राइवेट कॉलेज और स्कूलों में मौजूद हैं। ऐसे में शुरुआत टैबलेट्स के जरिए की जाएगी। पहले चरण में 10 से 15 हज़ार टैबलेट्स तैयार किए जाएंगे और धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जाएगी।
नकल और पेपर लीक पर लगेगी रोक
परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए टैबलेट आधारित एग्जाम को सुरक्षित बताया गया है। आलोक राज ने कहा कि “टैबलेट्स पर परीक्षा कराने से पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।”
सभी सेंटर पर बायोमेट्रिक और फेस स्कैनिंग की व्यवस्था होगी। एडमिट कार्ड पर फोटो और लाइव फोटो का मिलान किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
पेपर प्रिंटिंग की झंझट ख़त्म
पारंपरिक परीक्षा पद्धति में पेपर प्रिंटिंग और वितरण की बड़ी चुनौती रहती थी। लेकिन अब टैबलेट बेस्ड एग्जाम से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हर सेंटर को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले बंद किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी।
मेहंदी लगाने से बचें परीक्षार्थी
कर्मचारी चयन बोर्ड ने परीक्षार्थियों को विशेष सलाह भी दी है। आलोक राज ने कहा कि “लड़कियों को परीक्षा से पहले मेहंदी लगाने से बचना चाहिए। खासकर हाथों के पोर पर मेहंदी लगाने से बायोमेट्रिक स्कैनिंग में परेशानी होती है। यदि मेहंदी लगी होगी तो फेस स्कैनिंग कराई जाएगी, लेकिन बेहतर होगा कि विद्यार्थी इस समस्या से बचें।”
IIT के साथ मिलकर हो रहा परीक्षण
इस नई व्यवस्था के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, IIT कानपुर और IIT मद्रास के साथ मिलकर लगातार परीक्षण कर रहा है। जल्द ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। राजस्थान: पेपर लीक रोकने के लिए Tablets से एग्जाम, Mehandi पर भी अलर्ट
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