चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी सेठ मंदिर में शनिवार को बड़ा हंगामा हो गया। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच बैग को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मामला मारपीट और पथराव तक पहुंच गया। सांवलियाजी मंदिर विवाद की पूरी कहानी: बैग खोने से शुरू हुआ झगड़ा, पहुंचा लाठी-डंडों तक
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मंडफिया थाना क्षेत्र के SHO गोकुल डांगी के अनुसार, शनिवार को सवाई माधोपुर से आए 10-12 श्रद्धालु सांवलियाजी सेठ मंदिर के दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन से पहले उन्होंने प्रसाद की दुकान करने वाले दुकानदार रतन तेली की दुकान पर अपने बैग रखे। अमावस्या होने के कारण मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी और दुकानों पर भी काफी चहल-पहल रही।
दर्शन के बाद जब श्रद्धालु लौटे तो दुकानदार ने उनके बैग लौटा दिए, लेकिन उनमें से एक बैग नहीं मिला। श्रद्धालुओं ने जब दुकानदार से पूछताछ की तो बहस शुरू हो गई। इसी दौरान श्रद्धालु ने दुकानदार को थप्पड़ मार दिया। विवाद बढ़ते ही आसपास के दुकानदार लाठियां लेकर पहुंच गए और श्रद्धालुओं की पिटाई कर दी।
श्रद्धालुओं का जवाबी हमला
लाठियों से पिटाई के बाद श्रद्धालुओं ने भी सड़क पर पड़े पत्थर उठाकर दुकानदारों पर फेंकने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की दखलअंदाजी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। SHO ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों से मामला दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन दोनों पक्षों ने इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले खाटूश्यामजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच विवाद हुआ था। उस समय दुकानदारों ने श्रद्धालुओं से मारपीट की थी और पुलिस ने चार दुकानदारों को गिरफ्तार किया था।
निष्कर्ष
सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हुआ यह विवाद प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
Discover more from HadotiNews24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
