कोटा, राजस्थान: कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति में पिछले छह महीने से चल रही राजनीतिक उठापटक का अंत हो गया है। पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ने आज कोर्ट के आदेश के बाद फिर से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। लाडपुरा पंचायत समिति प्रधान की कुर्सी पर 6 महीने बाद नईमुद्दीन ‘गुड्डू’ की वापसी, कोर्ट के आदेश पर संभाला पदभार

फरवरी में, उन्हें ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट में 2024-25 के दौरान कचरा संग्रहण, सड़क-नाली सफाई और सामुदायिक स्वच्छता से जुड़े कार्यों में गड़बड़ी पाई गई थी। इन आरोपों के चलते उन्हें पद से हटना पड़ा था।

न्यायपालिका पर विश्वास जताया

पदभार संभालने से पहले, नईमुद्दीन गुड्डू ने कोर्ट चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था। भारत देश में डॉ. भीमराव अंबेडकर का कानून चलता है, जिन लोगों ने मुझे फंसाया था, उनके खिलाफ कोर्ट में गया और कोर्ट के आदेश के बाद फिर से सच्चाई की जीत हुई है।”

गुड्डू ने आगे कहा कि अब उनका लक्ष्य लाडपुरा पंचायत समिति को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और उन सभी विकास कार्यों को गति देना है, जो उनके निलंबन के कारण रुक गए थे। उन्होंने उन घोटालों को उजागर करने की भी बात कही, जो उनके अनुपस्थिति में हुए थे।

जांच रिपोर्ट में क्या था?

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव इंद्रजीत सिंह के आदेश पर नईमुद्दीन गुड्डू को निलंबित किया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि पंचायत समिति ने गांवों में कचरा संग्रहण, पृथक्करण, सड़कों और नालियों की सफाई के कार्यों में अनियमितता बरती थी। यह भी आरोप था कि जिन फर्मों को ठेका दिया गया था, वे पारदर्शिता के मानकों पर खरी नहीं उतरीं।

समर्थकों में खुशी की लहर

गुड्डू की वापसी से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। इस मौके पर कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी और कांग्रेस नेता अनूप ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। इस पूरे मामले को कांग्रेस के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।


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