राजस्थान के प्रसिद्ध रामदेवरा मेले की तैयारियां अपने चरम पर हैं। इस वर्ष, प्रशासन और मेला समिति ने मिलकर भक्तों की सुरक्षा, सुविधा और आराम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रामदेवरा मेला: 20 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु पहुंचे, सुरक्षा से लेकर पानी तक के पुख्ता इंतजाम
यात्रियों के लिए बंद हुआ सीधा मार्ग
गोमट से रामदेवरा आने वाले सीधे सड़क मार्ग को प्रशासन ने वाहनों के लिए बंद कर दिया है। यह फैसला पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। अब इस मार्ग से केवल पैदल यात्री ही निकल सकते हैं। वाहन चालकों को पोकरण से रामदेवरा आने वाले नेशनल हाईवे
की तरफ डाइवर्ट किया गया है।
पुलिया और टीन शेड का निर्माण
श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए मंदिर परिसर में टीन शेड लगाए गए हैं, जिनकी लंबाई एक किलोमीटर है। इन शेड के नीचे हवा के लिए पंखे और पानी के लिए नल भी लगाए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 6 से 8 लाइनें बनाई गई हैं। इसके अलावा, भक्तों की कतारों के ऊपर दो अस्थाई पुलिया भी बनाई गई हैं, जिनकी मदद से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन और पोकरण रोड की तरफ आसानी से जा सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए, प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 111 होमगार्ड व सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने 521 पुलिसकर्मी, आरएसी और यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। मंदिर परिसर के बाहर के क्षेत्रों के लिए 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
स्वच्छता और चिकित्सा सेवाएं
यात्रियों के आराम के लिए 7 यात्री विश्राम गृह बनाए गए हैं। स्वच्छता के लिए, पूरे क्षेत्र को 3 ज़ोन में बांटा गया है। प्रत्येक ज़ोन में 75 सफाई कर्मचारी और 3 ट्रैक्टर लगाए गए हैं। कचरा उठाने के लिए 4 कचरा संग्रह वाहन भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 100 डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी तैनात किए गए हैं। साथ ही, एक मेडिकल चौकी भी स्थापित की गई है। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा और 24 घंटे इमरजेंसी एंबुलेंस हॉस्पिटल में मौजूद रहेगी। खाद्य सामग्री की जांच के लिए एक खाद्य सुरक्षा टीम भी तैनात की गई है।
बिजली और पानी की व्यवस्था
पानी की कमी न हो, इसके लिए 16 पानी के टैंकर और 100 से ज़्यादा नल लगाए गए हैं। यात्रियों के लिए मीठा पानी बिलिया डैम से लाया जा रहा है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त टैंकरों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 10 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं से बचने के लिए 11 केवी बिजली लाइन को भूमिगत किया गया है।
पार्किंग की सुविधा
मेले में वाहनों की पार्किंग के लिए 9 अलग-अलग जगहें बनाई गई हैं। पार्किंग के लिए बाइक, स्कूटी और थ्री व्हीलर टैक्सी से ₹20, जीप, कार, ट्रैक्टर से ₹100, मिनी बस और 21 सीट से बड़े वाहनों से ₹120, और ट्रक व बड़ी बसों से ₹150 का शुल्क लिया जा रहा है। ये पार्किंग स्थल पोकरण-जोधपुर रोड, नाचणा रोड, बीकानेर रोड, फलौदी रोड, एका रोड, वीरमदेवरा रोड, रावरसरिया तालाब, रुणीचा कुआँ रोड, और रामदेवरा थाना के पास स्थित हैं।
पूजा और दर्शन की जानकारी
मंदिर समिति के अनुसार, भक्तों को दर्शन कराने के लिए 100 पुजारी 3 शिफ्टों में काम कर रहे हैं। प्रतिदिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे हैं। बाबा रामदेव की समाधि पर सुबह 4 बजे अभिषेक आरती, 8 बजे भोग आरती, शाम 4 बजे छोटी आरती, शाम 7:30 बजे बड़ी आरती और रात 9 बजे मंगल आरती की जाती है।
बाबा रामदेव जी का जीवन
बाबा रामदेव जी का जन्म 14वीं शताब्दी के अंत में तंवर राजपूत परिवार में हुआ था। उन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। मुस्लिम समाज के लोग उन्हें ‘रामसा पीर’ कहते हैं। बाबा ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति का उपयोग समाज कल्याण और सद्भाव के लिए किया। उन्होंने अपने गुरु ऋषि बालिनाथ से शिक्षा प्राप्त की और डाली बाई को अपनी बहन बनाया। बाबा रामदेव जी ने जीवित समाधि ली थी, उसी स्थान पर आज भव्य मंदिर बना हुआ है।
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