बूंदी जिले के लबान रेलवे स्टेशन क्षेत्र की बस्ती में श्मशान घाट की सुविधा न होने के कारण एक बेहद संवेदनशील और दुःखद स्थिति सामने आई है। क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए उपयुक्त स्थान न होने की वजह से सड़क किनारे ही अंतिम संस्कार करना पड़ा।
बूँदी: लबान बस्ती मे सडक किनारे करना पड़ा अंतिम संस्कार, प्रशासन से समशान घाट की मांग
इस बस्ती के निवासी रमेश के निधन के बाद परिजनों के सामने यह गंभीर समस्या आई कि शव का अंतिम संस्कार कहाँ किया जाए। चूंकि आसपास श्मशान घाट नहीं है और न ही प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, इसलिए परिवारजनों को कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाईवे के किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ा।
घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा हो। वर्षों से इस बस्ती में श्मशान घाट की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि लबान रेलवे स्टेशन बस्ती के लिए शीघ्र ही एक श्मशान घाट के लिए भूमि का आवंटन किया जाए, जिससे भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी अपमानजनक और पीड़ादायक स्थिति से न गुजरना पड़े।
इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है जिसमें दर्जनों ग्रामीण सड़क किनारे बैठे नजर आ रहे हैं और वातावरण धुएं से भर गया है। यह नजारा न केवल मानवता के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता का भी जीवंत प्रमाण है।
निष्कर्ष:
लबान रेलवे स्टेशन बस्ती में श्मशान घाट की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह समय है जब प्रशासन को इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ लेते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मृतकों को सम्मानपूर्वक विदाई मिल सके
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