रामगढ़ क्रेटर को मिली वैश्विक पहचान
बारां से रामगढ़ क्रेटर भंडदेवरा 40 KM दूर है। रामगढ़ मे स्थित अंगूठीनुमा पहाड़ी को दुनियभार के क्रेटरों को मान्यता देनी वाली अन्तराष्ट्रीय संस्था अर्थ इमेक्ट डाटा बेस सोसाइटी ऑफ कनाडा ने करीब 200 वर्ष बाद रामगढ़ को विश्व के 200 वे क्रेटर मे नाम दर्ज किया है।
इससे रामगढ़ भारत मे हि नही बल्कि विश्व के मानचित्र मे उभरा है। भारत के GSI ने इको टूरिज्म की वेबसाइट मे स्थान दिया है। सोसाइटी के साइंस जनरल मे इस क्रेटर को अगस्त 2020 मे विश्व के शंवेधानिक मान्यता प्राप्त क्रेटर मे स्वीकार किया गया है। यह भारत के संवेधानिक मान्यता प्राप्त क्रेटरों मे तीसरे स्थान पर है, ओर प्रदेश का पहला क्रेटर घोषित हो गया है।
इस क्रेटर का व्यास 3.2 किमी ओर ऊंचाई 200 मीटर है।
बारां: विश्व के 200 वे क्रेटर मे रामगढ़ का नाम दर्ज, भंडदेवरा हो रहा हे बदहाल
भंडदेवरा मंदिर
भंडदेवरा मंदिर को राजस्थान का मिनी खजुराहो भी खा जाता है।
भंडदेवरा मंदिर का निर्माण 10 वी शताब्दी मे मालवा के नागवंशी राजा मलय वर्मा ने शत्रु पर विजय के उपलक्ष मे करवाया था, ओर अपने ओर अपने इष्ट देव भगवान शिव को समर्पित किया था।

सरकारी उदासीनता बनी बाधा
हालांकि बारां जिला प्रशासन द्वारा कई बार इसके संरक्षण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक राज्य या केंद्र सरकार से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। पर्यटकों की संख्या भी इस क्षेत्र में धीरे-धीरे घट रही है, जिससे स्थानीय रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।
स्थानीय जनता की मांग
स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि:
भंडदेवरा मंदिर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए
मंदिर परिसर का संरक्षण और पुनर्निर्माण किया जाए
रामगढ़ क्रेटर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए
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