नोएडा वृद्ध-आश्रम हाथो मे रस्सी, तहखाने मे बंद, मल-मूत्र से सने कपड़े जाने पुरा सच
ये देखकर आपका दिल मचल जाएगा।
समाज में कैसे कैसे लोग रहते है, जिस मां ने 9 महीने अपनी कोख में रखकर तुम्हे पाला हो, जिस बाप ने तुम्हारी हर जरूरत पूरी की हो, उस मां बाप को ऐसी हालत में वृद्धा आश्रम में छोड़ना दिल चीर देता है।
बदतमीज बच्चों के सताए मां-बाप वृद्ध आश्रम चले जाते हैं, इस उम्मीद में कि यहां उनके साथ कोई बुरा व्यवहार नहीं होगा।
लेकिन नोएडा के आंनद निकेतन वृद्ध आश्रम की हालत नर्क से भी बदतर मिली।
यहां पुरुष बुजुर्ग बिना कपड़ों के मिले, किसी के शरीर पर थोड़े बहुत कपड़े थे, इन्हें यहां रस्सी से बांध कर कमरों में ताले में बंद करके रखा जाता था।
जिन महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है, उनमें कई के शरीर पर भी आधे अधूरे कपड़े थे।
इनके कपड़े मल मूत्र से सने हुए थे.. यह सब रईस बच्चों के मां-बाप थे। वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों को रखने के लिए प्रति व्यक्ति से 2.5 लाख रुपए डोनेशन लिया जाता है.
इसके अलावा खाने,पीने और रहने के लिए छह हजार रुपए प्रतिमाह लिया जाता है। फिर भी ये सब दुर्दशा तो अमानवीय हे पुलिस संचालक् को गिरप्तार कर लिया हे वृद्धाश्रम मे रहने वाली 40 बुजुर्ग को बुरी हालत से निकल लिया गया हे
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